इस्लामिक जानकारी ।। Islamic Sawal Jawab hindi

 इस्लामिक जानकारी ।। Islamic Sawal Jawab hindi 

इस्लामिक जानकारी

🍁🍁🌹🌹🌹🌹🍁🍁

📝    सवाल      

अज़ान के बगैर जमात कराना कैसा क्या नमाज़ हो जाएगी?

📝    जवाब       

अज़ान कहे बगैर जमात कराना मकरूह है लेकिन नमाज़ हो जाएगी इमामे मौहम्मद रहमतुल्लाह अलैः बयान करते हैं कि मैने इमामे अबू हनीफा रहमतुल्लाह अलैः से बगैर अज़ान के जमात के मुतअल्लिक पूछा तो आप ने फ़रमाया कि उन्होंने ये बुरा किया लेकिन उनकी नमाज़ मुकम्मल है 

📚{अल्मबसूत,1/132}

और दुसरी रवायत में है कि

आपने फ़रमाया कि उन्होंने सुन्नत की मुखालिफत की और गुनहगार हुवे 

📚{अल्बदाएउस्सानय 1/147}

बगैर अज़ान के फर्ज़ नमाज़ की जमात कराना मकरूह है , बहारे शरीअत में है कि अज़ान सुन्नते मुअक्कदाह है और उसका हुक्म वाजिब की तरह है कि अगर अज़ान ना कही तो वहां के सब लोग गुनहगार होंगे 

📚{बहारे शरीअत, जिल्द 1, सफा 468}

🌹🌹🌹

📝     सवाल        

जुमा की नमाज़ के लिए जो अकामत कही जाती है उसका जवाब दे सकते हैं?

📝      जवाब       

मुक्तदियों को जुमा की अजाने सानी और अकामत का जवाब ज़ुबान से नहीं चाहिए क्योंकि इमामे आज़म रहमतुल्लाह अलैह के नज़दीक खतीब के मेंबर पर आने के बाद से खत्मे नमाज़ तक कोई भी बात नहीं कर सकते लेकिन दिल में जवाब देना बिलकुल जाएज़ है और खतीब अजाने सानी और अकामत का जवाब ज़ुबान से भी दे सकता है 

अल्बदाएउस्सानय में है कि

दूसरे अज़ान के वक्त जब इमाम खुत्बा के लिए निकले और खुत्बे से फारिग हो कर मुअज्जन अकामत पढ़े , क्या जो काम खुत्बा में मकरूह है उस में भी मकरूह है  तो इमामे आज़म अबू हनीफा रहमतुल्लाह अलैह के कौल के मुताबिक़ मकरूह है 

📚{अल्बदाएउस्सानय, जिल्द 1, सफा 264}

🌹🌹🌹

📝    सवाल        

अगर काअदाए अखीरा में तशहुद पढ़ने के बाद मुकम्मल खड़ा हो जाए फिर याद आने पर बैठ गया तो क्या हुक्म है?

📝     जवाब    

अगर कोई शख्स नमाज़ के आखरी काअदे में तशहहुद पढ़ने के बाद भूल कर भी खड़ा हो जाए तो फौरन बैठे और बगैर तशहहूद पढ़े सजदा सहूव करके सलाम फेर दे 

फतावा रजविया में है कि

अउद करके बैठना चाहिए और साथ सजदा सहु में चला जाए दुबारा अत्तहिय्यात न पढ़े 

बहारे शरीअत में है कि

कियाम ही की हालत में सलाम फेर दिया तो भी नमाज़ हो जाएगी मगर सुन्नत तर्क (छूट) हुई

📚{बहारे शरीअत,4/717}

🌹🌹🌹

📝      सवाल       

मेरे बाल छोटी उम्र में ही सफ़ेद हो गए थे क्या में बालों पर काला रंग लगा सकता हूं?

📝       जवाब     

छोटी उम्र में बाल सफ़ेद हो या बड़ी उम्र में बालों पर सियाह खेज़ाब लगाना जायेज़ नहीं है प्यारे नबी मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम ने इससे सख्ती से मना फ़रमाया है 

फ़रमाया :"आखरी ज़माने में ऐसे लोग होंगे जो कबूतरों के सीने जैसा सियाह खेज़ाब लगाएंगे , वह लोग जन्नत की खुशबू तक ना सूंघ सकेंगे "

📚{सुनन अबि दाऊद, हदीस 4212, सफा 1529}


🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

🕋Islamic Sawal Jawab Group 🕋 

 🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁

Post a Comment

0 Comments